डीयू एडमिशन 2021 : नई शिक्षा नीति के तहत मई से शुरू हो सकती है आवेदन प्रक्रिया, CUCET में शामिल होने से बदलेंगे दाखिले के नियम

डीयू एडमिशन 2021 : नई शिक्षा नीति के तहत मई से शुरू हो सकती है आवेदन प्रक्रिया, CUCET में शामिल होने से बदलेंगे दाखिले के नियम

  1. दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया मई से शुरू हो सकती है। विगत दिनों डीयू की दाखिले से संबंधित अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें दाखिले को लेकर चर्चा हुई। दाखिला से जुड़े एक अधिकारी का कहना है हम मानकर चल रहे हैं कि मई से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसे ही ध्यान में रखते हुए तैयारी हो रही है। जल्द ही इसको लेकर अन्य बैठकें भी होंगी।

    डीयू के डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. राजीव गुप्ता का कहना है कि नई शिक्षा नीति के कारण दाखिला प्रक्रिया में बदलाव होगा और सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय एक प्रवेश प्रक्रिया के तहत दाखिला देंगे। इसके लिए केंद्र सरकार विधिवित दिशा-निर्देश जारी करेगी। हम लोगों को उस दिशा निर्देश का इंतजार है। यही नहीं जो छात्र डीयू में ऑनलाइन दाखिला इस बार लिए हैं उनसे, शिक्षकों से, अभिभावकों से फीडबैक भी लिया जाएगा। ताकि हम अपनी दाखिला प्रक्रिया को बेहतर और स्टूडेंट्स फ्रेंडली बना सकें।

    ज्ञात हो कि देश के अलग-अलग केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आवेदन की प्रक्रिया अलग-अलग होती थी। लेकिन इस बार सबकी प्रवेश परीक्षा एक साथ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा कराने की योजना है।

    डीयू सीयूसीईटी में शामिल होगा, दाखिले का मानक अलग होगा 
    डीयू में अधिकांश विषयों में दाखिले अब प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही होंगे। यह दाखिला सेंट्रल युनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेस टेस्ट (सीयूसेट) के माध्यम से होंगे। इसके लिए विस्तृत रूपरेखा डीयू ने तैयार कर ली है। डीयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दाखिला प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव होंगे। हमारी कोशिश है कि किसी भी तरह से छात्रों को दाखिला में परेशानी का सामना न करना पड़े। डीयू दाखिला नई शिक्षा नीति के अनुरूप होंगे। इसमें 12वीं के अंक और सीयूसेट प्रवेश परीक्षा के अंक दोनों दाखिला की मेरिट का आधार होगा। डीयू का यह सुझाव है कि 50 फीसदी वेजेट छात्र को उसे बोर्ड के अंक के आधार पर तथा बाकी सीयूसेट के अंक को जोड़कर मेरिट बनाई जाएगी। बोर्ड के अंक पर्सेंटाइल के हिसाब तय करने का सुझाव है क्योंकि अलग अलग बोर्ड होने से उनके समरूपता नहीं होती है।

    प्रो. जोशी का कहना है कि हम इस दिशा में विचार कर रहे हैं कि छात्र के 12वीं का अंक और सीयूसेट में प्राप्त अंक को मिलाकर जो रैंकिंग होगी उसके आधार पर दाखिला हो। ज्ञात हो कि डीयू में इससे पहले स्नातक के कुछ विषयों की ही प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला देता था।

    प्रवेश परीक्षा एक, लेकिन दाखिला कैसे हो तय करेगा विश्वविद्यालय 
    एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने बताया कि सीयूसेट के कारण छात्र को अलग-अलग विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी। सीयूसेट की परीक्षा के बाद छात्र सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय में दाखिले के योग्य होगा, यदि वह संबंधित विश्वविद्यालय की निर्धारित योग्यता पूरी करता हो। यह प्रक्रिया नई शिक्षा नीति के अनुरूप ही है, लेकिन प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद दाखिले का आधार विश्वविद्यालय अपने अनुसार तय कर सकते हैं।

    12वीं के परिणाम के महत्व को कम नहीं किया जाएगा
    डीयू के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो.राजीव गुप्ता का कहना है कि स्नातक दाखिला में 12वीं के परीक्षा परिणाम को कम नहीं किया जाएगा। क्योंकि यदि ऐसा नहीं होगा तो कोचिंग सेंटर को बढ़ावा मिलेगा और छात्र तब केवल स्नातक दाखिला के लिए प्रवेश परीक्षा की तैयारी नहीं करेगा। उनका कहना है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी प्रवेश परीक्षा कराकर परिणाम दे देगा। इसके बाद दाखिला कैसे करेंगे यह डीयू निर्धारित करेगा।

    12वीं के विषय से ही पूछे जाएंगे सवाल
    एनटीए 12वीं में पढ़े गए विषय से ही प्रवेश परीक्षा लेगा। इसके तहत साइंस, आर्ट व कामर्स के छात्र यदि इससे संबंधित विषय 12वी में पढ़ा हो तो उसे इससे संबंधित ही सवाल पूछे जाएंगे। इसमें महत्वपूर्ण विषय प्रवेश परीक्षा में होंगे। इसमें भाषा, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित सहित अन्य विषयों से सवाल होंगे। छात्रों के पास यह विकल्प होगा कि वह कौन सा विषय चुनता है। इसमें एक भाषा का विषय अनिवार्य होगा। इसके अलावा तीन एकेडमिक विषय होगा। प्रवेश परीक्षा दो भाग में होगी। पहले प्रश्नपत्र में भाषा, एलिमेंट्री, रिजनिंग, मैथमेटिक्स, जनरल नॉलेज, जनरल अवेयरनेस से सवाल होंगे। जबकि दूसरे प्रश्नपत्र में वह सवाल होगा जिसे छात्र ने 12वीं में पढ़ा होगा।




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