शकुंतला विश्वविद्यालय में बीएएसएलपी व बीपीओ कोर्स में दाखिले पर लगी रोक

शकुंतला विश्वविद्यालय में बीएएसएलपी व बीपीओ कोर्स में दाखिले पर लगी रोक

शकुंतला विश्वविद्यालय में बीएएसएलपी व बीपीओ कोर्स में दाखिले पर लगी रोक

Rojgartak

भारतीय पुनर्वास परिषद ने डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में सत्र 2021-22 के लिए बैचलर ऑफ ऑडियोलॉजी एंड स्पीक लैंग्वेज पैथालॉजी (बीएएसएलपी) और बैचलर इन प्रोस्थेटिक एंड आर्थोटिक (बीपीओ) पाठ्यक्रम के संचालन पर रोक लगा दी है। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम के संचालन के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण की गई है।

मानक से बेहद कम मिली व्यवस्था
बीते दिनों राष्ट्रीय पुनर्वास परिषद की टीम ने विश्वविद्यालय में संचालित बीएएसएललपी व बीपीओ पाठ्यक्रम का जायजा लिया था। पाठ्यक्रम के संचालन के लिए निर्धारित मानकों पर कम से कम 70 प्रतिशत खरा उतरना होता है। निरीक्षण के दौरान बीएएसएलपी पाठ्यक्रम में भवन के मानक 57 प्रतिशत, मानव संसाधन 14.68 प्रतिशत, क्लीनिकल सर्विसेज 35 प्रतिशत, क्लीनिकल इंफ्रास्ट्रक्चर 20 प्रतिशत, लाइब्रेरी रिसोर्सेज 42.5 प्रतिशत, कम्युनिटी प्रमोशन एक्टिविटीज 62.5 प्रतिशत, फैकल्टी डेवलपमेंट 40 प्रतिशत और क्युरिकुलर ट्रांसेक्शन 51.24 प्रतिशत पाई गई। वहीं बीपीओ पाठ्यक्रम में मानव संसाधन 60.6 प्रतिशत व फैकल्टी डेवलपमेंट एंड रिसर्च 47.5 प्रतिशत स्तर की पाई गई। जो कि निर्धारित 70 प्रतिशत मापदंड से काफी कम है।

बीएएसएलपी व बीपीओ में हैं 25 सीटें
विश्वविद्यालय में बीएएसएलपी व बीपीओ पाठ्यक्रम विशेष शिक्षा कार्यक्रम के तहत संचालित हो रहा है। यह प्रोफेशनल कोर्स हैं। दोनों कोर्स में 25-25 सीटे हैं। दोनों ही पाठ्यक्रम के संचालन के लिए भारतीय पुनर्वास परिषद से स्वीकृति जरूरी है।

डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलसचिव अमित कुमार सिंह ने कहा, बीएएसएलपी व बीपीओ पाठ्यक्रम में सृजित पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इनमें दाखिले के लिए आवेदन जुलाई में लिया जाना है। विश्वविद्यालय के स्तर पर दाखिले के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है।

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