PRSU : पीआरएसयू में अब सभी संबद्ध कॉलेजों में शुरू होगी पीएचडी

PRSU : पीआरएसयू में अब सभी संबद्ध कॉलेजों में शुरू होगी पीएचडी

PRSU : पीआरएसयू में अब सभी संबद्ध कॉलेजों में शुरू होगी पीएचडी

Rojgartak

प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर का पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इसमें बीए के तीन और बीकाम के एक पाठ्यक्रम को शामिल किया गया है। बीए के पाठ्यक्रम में दो विषय कला संकाय के होंगे। तीसरे विषय के रुप में छात्र कला अथवा कॉमर्स संकाय से चुन सकेगा। यह जानकारी बुधवार को कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि स्नातक के हर पाठक्रम में 60-60 सीटें तय की गई है। शैक्षिक सत्र 2021-22 से इंटर की मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। यह पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर में ही संचालित होंगे।

प्रो. सिंह ने बताया कि नए शैक्षिक सत्र में संबद्ध  सभी कॉलेजों में पीएचडी शुरू होगी। कला संकाय के तीन इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन आर्ट्स (आईपीए) संचालित होंगे। पहला कॉम्बिनेशन संस्कृत और हिन्दी मुख्य विषय के साथ कला संकाय अथवा कामर्स का एक विषय चुन सकेगा। दूसरे कॉम्बिनेशन दर्शन शास्त्र व राजनीति विज्ञान के अलावा तीसरा विषय कला संकाय अथवा कामर्स से चुनने का विकल्प होगा। वहीं, तीसरे कॉम्बिनेशन में अर्थशास्त्र व रक्षा अध्ययन के अलावा कला अथवा कॉमर्स संकाय का एक विषय चुनने की आजादी होगी। इसी प्रकार कॉमर्स के लिए पाठ्यक्रम में मुख्य विषय के साथ चार सेमेस्टर के लिए कला संकाय का कोई एक विषय चुन सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक छात्र को प्रथम दो वर्ष यानी चार सेमेस्टर एवं चतुर्थ वर्ष में एक अन्य विषय का भी चयन करना होगा, जो अनिवार्य तौर पर अन्य विभाग अथवा अन्य संकाय से होगा। छात्रों को प्रथम चार सेमेस्टर में एक-एक व्यवसायिक कोर्स और प्रथम छह सेमेस्टर में एक-एक अनिवार्य सह-पाठ्यक्रम का भी अध्ययन करना होगा। यह पाठ्यक्रम च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम एवं सेमेस्टर प्रणाली आधारित होंगे। नई व्यवस्था इस बार लागू की जा रही है।

विद्यार्थी सफलतापूर्वक प्रथम वर्ष पूर्ण करने के बाद यदि पढ़ाई छोड़ता है तो उसे संबंधित संकाय में प्रमाण पत्र, दो वर्ष पूरा करने पर डिप्लोमा, तीन वर्ष पूरा करने पर स्नातक की उपाधि, चार वर्ष पूरा करने पर स्नातक शोध व पांच वर्ष पूरा करने पर परास्नातक की उपाधि दी जाएगी।

पीजी के 11 विषयों में सीबीसीएस प्रणाली
नए सत्र में परास्नातक स्तर पर कुल 11 विषयों में सीबीसीएस प्रणाली लागू होगा। अब तक इसमें सेमेस्टर प्रणाली लागू थी। अब क्रेडिट एवं ग्रेडिंग प्रणाली के तहत मूल्यांकन होगा। इसमें हिंदी, संस्कृत, दर्शनशास्त्र, प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व, राजनीति विज्ञान, भूगोल, समाजशास्त्र, समाजकार्य, व्यवहारिक अर्थशास्त्र, रक्षा अध्ययन एवं वाणिज्य शामिल है।

पहली बार ग्रेडिंग और क्रेडिट की व्यवस्था
विश्वविद्यालय में पहली बार क्रेडिट प्रणाली के साथ ग्रेडिंग प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है। 25 फीसदी का मूल्यांकन आंतरिक और 75 फीसदी का मूल्यांकन विवि की परीक्षा से होगा। एक सेमेस्टर 23 से 25 क्रेडिट का होगा। एक वर्ष के लिए 46 से 50 क्रेडिट निर्धारित होंगे। इन पाठ्यक्रम में अंक पद्धति के स्थान पर ग्रेडिंग प्रणाली लागू होगी। एबी यानी अबसेंट, एफ यानी फेल, पी यानी पास, सी यानी एवरेज, बी यानी एबब एवरेज, बी प्लस यानी, गुड, ए यानी वेरी गुड, ए प्लस यानी एक्सीलेंट और ओ यानी आउटस्टैंडिंग का ग्रेड दिया जाएगा।

Facebook Instagram Windows Apps
YouTube channel Telegram Android App



Copyright © 2018-2025 RojgarTak.com All Rights Reserved RojgarTak